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Rahul Dravid: BCCI के अवॉर्ड सेरेमनी में राहुल द्रविड़ को क्यों आई अपनों की याद? तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा हॉल

नई दिल्ली. पूर्व भारतीय कप्तान और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने कहा कि देश की शानदार क्रिकेट प्रतिभा अब मैदान पर असली कामयाबी में बदल रही है और लगातार मिल रही जीत भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से मौजूद टैलेंट को दिखाती है. पिछले दो सालों में भारत ने आईसीसी टूर्नामेंटों में जबरदस्त प्रदर्शन किया है. टीम ने पुरुषों के पिछले दो टी20 वर्ल्ड कप, महिला वनडे वर्ल्ड कप, पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप और महिला अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप जीते हैं.

बीसीसीआई के सालाना अवॉर्ड समारोह में ‘कर्नल सी के नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट’ अवॉर्ड मिलने के बाद द्रविड़ ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ‘सब कुछ सही लग रहा है, है ना.’ उन्होंने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट में हमेशा से बहुत क्षमता रही है और अब वह मैदान पर भी नजर आ रही है. मैदान के बाहर हमारे पास सबकुछ था जो चाहिए था और अब मैदान पर भी उस टैलेंट को हकीकत में बदलते देखना बहुत अच्छा लग रहा है.’

राहुल द्रविड़ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया.

द्रविड़ ने कहा कि यह कामयाबी कई चीजों के साथ आने का नतीजा है, खिलाड़ियों से लेकर प्रशासकों और फैंस तक, सबने इसमें योगदान दिया है. उन्होंने 1996 में अपने डेब्यू के वक्त को याद करते हुए कहा, ‘यह कमाल का रहा है. पिछले तीन दशकों में भारतीय क्रिकेट जैसे आगे बढ़ा है, उसे देखना वाकई शानदार रहा है.’ द्रविड़ ने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट में हमेशा से जबरदस्त टैलेंट रहा है. हमारे पास हमेशा अच्छे प्रशासक रहे हैं. हमारे पास हमेशा अच्छे कोच रहे हैं और हम बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ उनका साथ देने में सक्षम रहे हैं. हमारे पास हमेशा मजबूत घरेलू क्रिकेट सिस्टम और बहुत अच्छी जूनियर क्रिकेट व्यवस्था रही है.’

उन्होंने कहा, ‘और दुनिया के कुछ सबसे शानदार फैन भी हमारे पास हैं. जैसे फैंस और समर्थक हमारे पास हैं, वे सब इस कामयाबी के हकदार थे. यह देखना शानदार है कि अब सबकुछ एक साथ आ रहा है.’ 2024 में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को कोचिंग देने वाले द्रविड़ ने मौजूदा टीम को उम्मीदों पर खरा उतरने का श्रेय दिया. उन्होंने कहा, ‘यह देखना बहुत अच्छा लगा. वर्ल्ड कप टी20 चैंपियन टीम से उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं. उन्होंने प्रबल दावेदार के तौर पर शुरुआत की और यह हमेशा आसान नहीं होता.’

द्रविड़ ने कहा, ‘बेशक वे बहुत अच्छी टीम हैं, लेकिन फेवरेट टीम के तौर पर शुरुआत करना और आखिर तक बने रहना और ट्रॉफी जीतना हमेशा आसान नहीं होता. इसके अपने दबाव होते हैं, अपनी चुनौतियां होती हैं. सूर्या (सूर्यकुमार यादव) और गौतम (गंभीर) और पूरी टीम को ऐसा करते देखना सच में बहुत अच्छा लगा.’ वह संजू सैमसन की कामयाबी से खुश थे जिन्हें आखिर में शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया.

पूर्व कप्तान ने कहा, ‘संजू को भारत के लिए बहुत अहम उन आखिरी तीन मैचों में अच्छा करते देखना सच में बहुत अच्छा लगा.’ उन्होंने कहा, ‘काफी समय से संजू टीम में अंदर-बाहर होते रहे हैं. उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है, उनके लिए कुछ मुश्किल वक्त भी आया है. उनके जैसे खिलाड़ी को सफल होते देखना सच में बहुत अच्छा लगा जिसने इतनी मेहनत की है.’ द्रविड़ ने कहा कि वह ‘कर्नल सी के नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट’ अवॉर्ड जीतने के लिए आभारी हैं.

उन्होंने कहा, ‘यह अवॉर्ड पाकर मैं बहुत आभारी हूं. मुझे अपनी जिंदगी में जो कई मौके मिले हैं, उनके लिए मैं बहुत आभारी हूं.’ उन्होंने कहा, ‘मैं खुशकिस्मत रहा कि कुछ महान क्रिकेटरों के साथ खेला और अपने देश के लिए खेलते हुए दुनिया घूमने का मौका मिला. रिटायरमेंट के बाद भी इस खेल से जुड़े रहने का मौका मिला, इसके लिए मैं खुशकिस्मत रहा. और इस खेल ने मुझे जो मौके दिए हैं, उनके लिए आभारी हूं.’ भाषा नमिता सुधीर सुधीर.


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